Hindi / Sanskrit Text
जय संतोषी माता जय जय माता। दुर्गे संतोषी सुखदाता॥ जो कोई तुमको ध्याता है। सुख संपत्ति वो पाता है॥ शुक्रवार व्रत करे जो कोई। गुड़ और चने चढ़ाए सोई॥ खट्टा खाना छोड़े नित। माता का मन जीते मित्त॥ संतोषी माता दयामयी। भक्तों की पीड़ा हरो अयी॥ जय जय जय संतोषी माता। मन की पूरी करो आशाता॥